Posts

Showing posts from February, 2018

Gazal

तुम बदलती रही अदा अपना मैं निभाता रहा वफ़ा अपना गुमा ये है सारा जमाना अपना है हिकीक़त ये है कोई नही रहा अपना तोड़ दो बाप,भाईयो से रिश्ता सब तुम्ही उठा लेने खुद जनाज़ा अपना माना अ...