हर इश्क़ करने वाला इल्ज़ाम पाया है यहाँ कोई बदनाम हो कर भी नाम पाया है कौन कह रहा था उसने दर्द दिया हमको हमने तो ये दोस्ती का इनाम पाया है आज भी वो दूर होकर दूर नही मुझसे मैंने उस...
हर मोहतरम से है पहचान मेरा फिर भी खतरे में ,होना इंसान मेरा जिंदा हु फिर भी ये खोज जारी है आखिर है कहा पर है जान मेरा में उसके दरबार में उसी की रुस्वाई कर आया वो चिलाता रहा "ये है ...
अभी खामोश रहो मेरी उड़ान बाकी है ये सब हवाएं है अभी आसमान बाकी है कल उस गली में कोई भूखा नही सोया लगता है वहाँ कोई इंसान बाकी है माना आधी रात हो गया पर में सो जाऊ कैसे मेरी थकी निग़ाह में अरमान बाकि है तब तक तुझसे चाहत का रिश्ता रहेगा मेरा जब तक इस लाश में थोड़ा सा जान बाकी है वो कहते है मुझे देख के मौन हो जाओ ये कैसे मुमकिन हो मेरे मुंह मे जुबान बाकी है