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जी हा दुआ ने किया असर

सब गीले मिटे  मिट गया जहर  जी हा दुआ ने  किया असर  जिसे भूलना था  वो न भुला गया  मगर फिर वो  लौट के आ गया  फिर फिजाये वही  फिर हवाएं वही  मिल गया  जो खोया था कही  आंसू फिर छलक पड़ा  आंख फिर नम हुए  जबसे बात होने लगी  फिर से हम ,  हम हुए  शुरू हुआ फिर  मजेदार सफर  जी हा दुआ ने  किया असर

ये जन्म कम पड़ जायेगा .......

ये जन्म कम पड़ जायेगा  सायद उसे  भुलाने में  याद भी उसकी अजीब हे  थकती नहीं हर वक़्त आने में  क्या सुकून मिलता हे उसको  मुझे रात भर जगाने में  कोई दवा मिलती नहीं  क्या दर्द हे इस दीवाने में  किसका चेहरा खिल गया हे  मेरे पलकों के शिवाने में   ये जन्म कम पड़ जायेगा  सायद उसे भुलाने में  दर्द खूब हे दिल में  और दिल हे कब्र खाने में  कभी भी जा सकता हु मैं  फ़रिश्तो के आशियाने में  आस पास मौत हे पर  डरती  हे पास आने में  खुदा भी ये मोहलत दे रहा  जा खोज जिसे खोजना हे ज़माने में  पर वो तो मेरे पास हे   मगर समय हे अभी पास आने में  लेकिन ये जन्म कम पड जायेगा  सायद उसे भुलाने में    

ek pal tha yaad karo

                                                                 एक पल था .....  एक पल था याद करो ,  तुम मेरे खास होते थे  खुशिया ओढ़े चादर  जब आस पास होते थे  कहा तब कुछ दुरी थी  ज़िन्दगी मेरी पूरी थी  हम तेरे लिए ज़रूरी थे  तुम मेरे लिए जरुरी थी  साथ गर तुम हो तो  सजा सजा न लगता था  बातो बातो में वक़्त का  कुछ पता न लगता था  कुछ वादे हम भी किये थे  कुछ कुछ कसम तेरे थे  तेरे सब गम मेरे थे  मेरे सब गम तेरे थे  हम गर मायुश होते थे  तो तुम भी उदास होते थे  एक पल था याद करो ,  तुम मेरे खास होते थे  

बाल मजदूरी

टायर के दुकान से लेके चाय के दुकान तक कई छोटू मिलते है सेठ के मकान तक । दिन में काम करते है रात सड़क पर सोते है , हमारे देश मे बच्चे भगवान का रूप होते है । कभी यह गली खाते है , कभी वहा...