ये मेरी आंखें की पलके क्यों आधी रातो को खुल जाती है । किसको याद करकेे ये आँसू बहुत बहाती है । उस लड़की की ही गलती क्यों दुनिया हमे समझाती है । क्यों वो बात नहीं करती , क्यो मेरे पास न आती है। न मेरा दर्द समझतीं है , न अपना दर्द बताती है । क्यों फिर दिल की बाते अब दिल में रह जाती है । क्यों सारी दुनिया उसको , ही गलत बताती है । बस गलती इसकी इतना है वो बहुत हस्ती ओर गति है। ओर कोई गलती तो हमको न बिलगाती है । बस इससे ही सब जलते है , और इससे वो जलती है । वो प्यारी पगली सी लड़की बिल्कुल बच्ची जैसी है । वो तब भी बिल्कुल वैसी थी वो अब भी बिल्कुल वैसी है ।। वो बड़ी शान्त सी मेरी दिल मे रहती है । वो सबसे बात करती है बस मुझसे कुछ न कहती है।। वो अपने सारे किस्से दुनिया को खुलके बतलाती है । बस इसीसे दुनिया जलती है, ओर इसीसे वो जलती है । उसके साथ बिताया हर लम्हा याद है मुझको। आज भी हर उसके जख्मो का स्वाद है मुझको ।। वो इतने प्यार से सबको दिल में जगह दे देती है । जो गली देते है पीठ पिछे उसको भी रख लेती है ।। वो जिसको अपना मानती है , ...