ये जन्म कम पड़ जायेगा .......

ये जन्म कम पड़ जायेगा 
सायद उसे  भुलाने में 
याद भी उसकी अजीब हे 
थकती नहीं हर वक़्त आने में 
क्या सुकून मिलता हे उसको 
मुझे रात भर जगाने में 
कोई दवा मिलती नहीं 
क्या दर्द हे इस दीवाने में 
किसका चेहरा खिल गया हे 
मेरे पलकों के शिवाने में 
 ये जन्म कम पड़ जायेगा 
सायद उसे भुलाने में 

दर्द खूब हे दिल में 
और दिल हे कब्र खाने में 
कभी भी जा सकता हु मैं 
फ़रिश्तो के आशियाने में 
आस पास मौत हे पर 
डरती  हे पास आने में 
खुदा भी ये मोहलत दे रहा 
जा खोज जिसे खोजना हे ज़माने में 
पर वो तो मेरे पास हे 
 मगर समय हे अभी पास आने में 
लेकिन ये जन्म कम पड जायेगा 
सायद उसे भुलाने में 
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