kaha uske jaisa koi ayega ..

रुठु उनसे तोह अब कौन मानाने आएगा।
कौन मेरा अब हाथ पकड़ कर आँखों मैं देख मुस्कुरायेगा।

दर्द  कोई भी हो , बस याद वही पल आएगा ,
वो जब हमसे कहती थी तू दूर कभी न जायेगा।

लिखते -लिखते रो रहा हु ,दिल बस यही कहता है।
अब उस पगली की तरह कोई और न बन पायेगा।


हर शाम दिल यही पूछता है , वो कब वापस आएगा।
क्या जवाब दू दिल को ,
दिमाक ये कहा , बता पायेगा।
जो सत्य बता  भी दिया ,
तो दिल ज़िन्दगी भर पस्तायेगा।

यकीन नहीं होता है मुझको ,
अब कौन मुझे सताएगा।
जब मैं चुप चाप बैठा रहूँगा ,
आहिस्ता आवाज कौन लगाएगा।

जब मै छत पे टहलूंगा,
तो फ़ोन किसका आएगा।
अब मुझसे गुफ्तगू के लिए,
SMS पैक कौन डलायेगा।

लिख रहा हु बस दिल-o-राहत के लिए 
वरना मेरा दर्द शब्द कहा बया  कर पायेगा।

होती रास्तो से दूरिया तो बात कुछ और होती ,
दिलो के रास्तो पे कोई वाहन कैसे जायेगा।

कौन अपने बोतल मैं पानी मेरे लिए बचाएगा।
कौन अपने टिफ़िन मैं पिज़्ज़ा मेरे लिए लाएगा।

अब इस पीतल को कौन सोना कह के बुलाएगा।
अब इस ज़िन्दगी मैं कौन उसके जैसा आएगा।
अब कहा कोई उसके जैसा अपना बन कर आएगा

कहा पता  था मुझको जो जितना पास था उतना दूर हो जाएगा।
कौन जनता था पानी, पत्थर बन के पेस आएगा।

अब ये दिल किसी पे ऐतबार ही न कर पायेगा।
तब कहा कोई उसके जैसा अपना बनकर आएगा।

अब जो रो भी लू
तो कोई आंसू न पुछवायेगा
 हा  यकीं है  मुझको वो नहीं मानाने आएगा
न ही कोई पलकों को मुलका के मुझे हसायगा
अब कहा कोई उसके जैसा
अपना बन कर आएगा

             By:- Divyansh pathak ..... 

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