पहले अये दिन.................. Gazal
पहले अये दिन उनसे प्यार होता था
हर पल मीठा सा तकरार होता था
जुबान मेरी जो बंद भी हो जाती
नज़रो से ही इज़हार होता था
चोट उनको अक्सर लगती थी
जब भी हमपे कोई वॉर होता था
शोहरत , दौलत जितना भी हो
एक मुस्कान के आगे सब बेकार होता था।।
हर पल मीठा सा तकरार होता था
जुबान मेरी जो बंद भी हो जाती
नज़रो से ही इज़हार होता था
चोट उनको अक्सर लगती थी
जब भी हमपे कोई वॉर होता था
शोहरत , दौलत जितना भी हो
एक मुस्कान के आगे सब बेकार होता था।।
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