आज कल....................Gazal

ठहरता नहीं आँखों का पानी आज कल
याद आती है जब कोई बात पुरानी आज कल

भूल जाने का रिश्ता नहीं था हमारा उसका
पर पड़ती हे कुछ बात भूल जानी आज कल

मैं अवारा था सायद इस  वजह वो भूल गए
लगता हे मेरी बाबू हो गयी सयानी आज कल

शौक कहा था ग़ज़ल वजल का हमको
बस मोहब्बत में ये लगती हे सुहानी आज कल

यहाँ वो रो रहा है , वहाँ ये रो रहा है
बस मोहब्बत में हे यही सबकी कहानी आज कल

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