मैं  कहा ह

मैं  कहा हु तुम कहा हो
खुश रहो बस तुम जहा हो

मेरे हिस्से में कटे दे दो
उसके हिस्से से कटे ले लो
हमको दो खर पतवार सारे
तुम्हे अदा हो सभी सितारे

तेरा महलों सा आशिया हो
खुश रहो बस तुम जहा हो

उसको जग का खास कर दो
हमको बस देवदास कर दो
हमको ग़ालिब मीर बना दो
पर उसका तक़दीर बना दो

मेरे विपरीत हवा हो
खुस रहो पर तुम जहा हो

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