प्यार तुमसे हो गया

यार हम क्या बताये कब प्यार तुमसे हो गया
मेरे अहसासों का व्यापार तुमसे हो गया
ये हादसा है तभी का जब तुम फैज़ाबाद थी
मेरे सांसो में हर घड़ी हर पल तुम आबाद थी
वो रात भर बात करना , तुम्हे सुबह जल्दी उठाना
वो मेरी आवारगी से तेरा हर दिन रूठ जाना
तेरे गुस्से के डर से जब हार तुमसे हो गया
यार हम क्या बताये कब प्यार तुमसे हो गया
जब वो नगर छोड़ आयी तुम इस शहर में
मिलने स्कूल में आई दोपहर में
देख के जब तुमको मैं हल्का सा मुस्कुरा रहा था
तुम बुला रही थी में जाने में शर्मा रहा था
बस वही मीठा सा तकरार तुमसे हो गया
यार हम क्या बताये कब प्यार तुमसे हो गया
एक लम्हा आया आखिर , जब हंसी जाने लगा
तुझको खो देने का डर हमको सताने लगा
इसी डर में मैं इज़हार कर दिया
मगर मोहब्बत ने दोस्ती को बेकार कर दिया
बस यही गिला है कि इज़हार तुमसे हो गया
यार हम क्या बताये कब प्यार तुमसे हो गया
कई बार फसाद हुआ न कितना विवाद हुआ
दोस्ती,यारी ओ मोहब्बत हर रिश्ता बर्बाद हुआ
कुछ लोग आये पास में तेरे दिल में जगह लेने लगे
मुझसे ज्यादा प्यार सायद वो तुम्हे देने लगे
जो भी न होना था वो भी यार तुमसे हो गया
यार हम क्या बताये कब प्यार तुमसे हो गया
मेरे अहसासों का व्यापार तुमसे हो गया

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