Gazal

आँखों में बसा लो हमको,हम भी देखे तेरा दीवाना
कैसा दिखता है वो पागल जो खुद से है अनजाना
कभी पास में आओ, कुछ अपना दर्द बताव
पर सो नही पायेगा वो उसके ख्वाबो में न आना
तुम चुपके से हो आती फिर गुम हो जाती
जैसे सताई हो उसको , किसी को न सताना
वो था एक नटखट प्यारा बच्चा, पर हो चुका है कच्चा
तुमको तो सब मालुम है अब तुमको क्या बताना

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