Gazal- सीख लो

जिंदा रहना है तो यह बहाना सीख लो
दर्द कितना भी हो मुस्कुराना सीख लो

रिश्ता कोई भी हो पर खैर चाहते हो अगर
खुद थोड़ा झुक जाओ उनको मनाना सीख लो

आएगी सारी दौलत तुम्हारे कदमों पर
अपनी थाली में औरों को खिलाना सीख लो

ऐ "दिव" तेरी भी कुर्सी लगेगी बड़े दरबारों में
जो तुम आकाओं के हां में हां मिलाना सीख लो

सुना हु तुम दवा करती हो कई मरीज ए इश्क का
अब मेरे दिल पर भी मरहम लगाना सीख लो

कल कर लेना दुनिया के सारे ऐस पर
खुद पे उड़ाने के लिए खुद से कमाना सीख लो

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